कर्नाटक के टॉप 10 इंजीनियरिंग कॉलेज

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भारत के दक्षिण-पश्चिम में स्थित कर्नाटक राज्य में 200 से भी अधिक इंजीनियरिंग संस्थान हैं, जो इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों में छात्रों को प्रवेश देते हैं। बता दें कि मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, और कंप्यूटर साइंस छात्रों के द्वारा ज्यादा पसंद की जाने वाली इंजीनियरिंग की स्ट्रीम हैं। इसके अलावा छात्र एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग, बायो टेक्नोलॉजी भी आज के समय में छात्रों के द्वारा पसंद की जाने लगी हैं। जेईई की परीक्षा के अलावा उम्मीदवारों को केसीईटी (KCET), सीओएमईडीके (COMEDK) के माध्यम से इन इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश मिल जाता है। तो आज हम आपको कर्नाटक के टॉप 10 इंजीनियरिंग कॉलेजों के बारें में बताते हैं।

  1. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) सुरत्कल
  2. इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी बैंगलोर
  3. मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मणिपाल
  4. आरवी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, बैंगलोर
  5. बीएमएस कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, बैंगलोर
  6. एम.एस रामैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बैंगलोर
  7. सिद्धगंगा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तुमकुर
  8. पीईएस यूनिवर्सिटी, बंगलौर
  9. दी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, मैसूर
  10. बैंगलोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बैंगलोर

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) सूरतकल

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), सुरत्कल की स्थापना 6 अगस्त 1960 को भारत सरकार द्वारा की गई थी। पहले इसे कर्नाटक रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज के नाम से जाना जाता था बाद में नाम बदल कर एनआईटी रखा गया। यह इंजीनियरिंग कॉलेज होम मिनिस्ट्री द्वारा स्वीकृत किया गया है। यह पूरे भारत में स्थित 30 एनआईटी में से एक है। बात एनआईटी में सदस्यों की करें तो बता दें कि यहाँ 200 फैकल्टी, 300 नॉन टीचिंग स्टाफ़ हैं। यहाँ 11 शैक्षणिक केंद्रों 14 विभाग हैं जहाँ 5500 से ज्यादा छात्र शिक्षा लेते हैं।

इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी बैंगलोर

इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी बैंगलोर, इसे आमतौर पर लोग IIIT-B के नाम से जानते हैं। यह इंस्टिट्यूट एक डीम्ड यूनिवर्सिटी है जिसकी स्थापना वर्ष 1999 में बैंगलोर के एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में हुई थी। आईआईआईटी को एआईसीटीई और यूजीसी के द्वारा मान्यता प्राप्त है। कर्नाटक के आईटी कंपनी और कर्नाटक सरकार इस कॉलेज का प्रचार प्रसार करते हैं।

मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मणिपाल

मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी को हम आमतौर पर MIT, मणिपाल के नाम से जानते हैं। मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी की स्थापना वर्ष 1957 में की गयी थी। यह भारत के पहले प्राइवेट और स्व-वित्तपोषीय संस्थानों में से एक है। 188 एकड़ की जगह में फैले इस कैंपस की स्थापना उस समय के तत्कालीन मुख्यमंत्री एस निजलिंगप्पा ने किया था। इंस्टिट्यूट में 500 से ज्यादा फैकल्टी स्टाफ है तथा 6,500 छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं।

आरवी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, बैंगलोर

राष्ट्रीय विद्यालय कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग जिसे हम आरवी कॉलेज के नाम से जानते हैं, एक स्व-वित्तीय प्राइवेट इंस्टिट्यूट है। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में राष्ट्रीय शिक्षा समिति ट्रस्ट द्वारा की गई थी।  यह कॉलेज विश्वेश्वरैया टेक्निकल यूनिवर्सिटी (वीटीयू) से संबद्ध है। केंद्र सरकार ने आरवी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता दी गई है।

बीएमएस कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, बैंगलोर

बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की स्थापना वर्ष 1946 में स्वर्गीय श्री बी. एम. श्रीनिवासैया द्वारा की गयी थी। इसे भारत का पहला प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज कहा जाता है। यह एक स्व-वित्तपोषीय संस्थान है। यह कॉलेज भी विश्वेश्वरैया टेक्निकल यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध है। साथ ही साथ यह कॉलेज एआईसीटीई, एनबीए और सीओए द्वारा स्वीकृत है।  बीएमएस कॉलेज, बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जाता है।

एम.एस रामैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बैंगलोर

एमएस रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना वर्ष 1962 में गोकुला एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा की गयी थी। यह एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज है। रामैया कॉलेज, विश्वेश्वरैया टेक्निकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध है और एआईसीटीई द्वारा स्वीकृत है। आप यहाँ से विभिन्न इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। यहाँ पर उपलब्ध सभी कोर्स एनबीए द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। एमएस रमैया इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी विभिन्न क्षेत्रों में करीब 44 कोर्सेज कराता है।

सिद्धगंगा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तुमकुर

सिद्धगंगा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना वर्ष 1963 में हुई थी। यह कॉलेज भी एक स्व-वित्तपोषित प्राइवेट कॉलेज है। विश्वेश्वरैया टेक्निकल यूनिवर्सिटी के द्वारा यह कॉलेज सम्बद्ध है तथा एआईसीटीई द्वारा स्वीकृत किया गया है। कॉलेज के होने वाले सभी इंजीनियरिंग कोर्स एनबीए के द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। श्री सिद्धगंगा एजुकेशन सोसाइटी द्वारा इस कॉलेज को संचालित किया जाता है।

पीईएस यूनिवर्सिटी, बंगलौर

पीईएस यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 1988 में पीईएस इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के रूप में पब्लिक एजुकेशन सोसाइटी के द्वारा की गयी थी। यह एक स्व-वित्तपोषीय प्राइवेट इंस्टिट्यूट था लेकिन बाद में 2013 में इसे यूजीसी के द्वारा प्राइवेट यूनिवर्सिटी की मान्यता मिली और इसका नाम बदलकर बदलकर पीईएस यूनिवर्सिटी कर दिया गया। पीईएस यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मेडिकल और लाइफ साइंस आदि अन्य क्षेत्रों में शिक्षा प्रदान करती है। यूनिवर्सिटी के सभी इंजीनियरिंग कोर्सेज एआईसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।

दी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, मैसूर

दी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग मैसूर वर्ष 1946 से इंजीनियरिंग और टेक्निकल में शिक्षा प्रदान करने वाली बैंगलोर की प्रमुख संस्था में से एक है। इसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत विश्वेश्वरैया टेक्निकल यूनिवर्सिटी से स्वायत्त संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग, मैसूर की गिनती देश में आईआईटी और एनआईटी सहित भारत के टॉप 100 इंजीनियरिंग कॉलेजों में की जाती है। कॉलेज एआईसीटीई द्वारा स्वीकृत है और यहाँ के सभी कोर्सेज एनबीए द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।

बैंगलोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बैंगलोर

बैंगलोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना वर्ष 1979 में 242 छात्रों के प्रवेश के साथ की गयी थी। इस इंस्टिट्यूट को वोक्कालिगा संघ के द्वारा स्थापित किया गया था। यह एक स्व-वित्तपोषीय प्राइवेट कॉलेज है। बैंगलोर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, विश्वेश्वरैया टेक्निकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध है और एआईसीटीई द्वारा स्वीकृत है। आज इस कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 2510 है।

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